बरहट-वेतनमान संशोधन की मांग को लेकर कृषि विभाग जमुई में कार्यरत कृषि समन्वयक मंगलवार से अनिश्चिकालीन हड़ताल पर चले गए। समन्वयकों के हड़ताल पर जाने से कृषि कार्य प्रभावित हो गया। अपनी मांग को लेकर कार्यरत समन्वयक जिला कृषि कार्यालय के समक्ष धरना भी दिया। जानकारी देते हुए बिहार कृषि समन्वयक कार्य समिति के जिलाध्यक्ष पंकज कुमार सिंह ने कहा कि वेतनमान संशोधन की मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार वेतनमान संशोधन के अपने वादे से मुकर गई है। पिछले साल अगस्त माह में कृषि विभाग के सचिव की अध्यक्षता और कृषि निदेशक बिहार की उपस्थिति में कृषि समन्वयकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक में लिखित आश्वासन के साथ ग्रेड-पे उत्क्रमित करने का भरोसा दिया गया था। इसके बाद निदेशक की अध्यक्षता में छह स्तरीय कमेटी द्वारा ग्रेड पे 2800 से 4600 उत्क्रमित करने का निर्णय लिया गया था। साथ ही संचिका तैयार कर उच्चस्तरीय निर्णय के लिए कृषि विभाग के सचिव को अग्रसारित किया गया था। तत्पश्चात सचिव द्वारा विमर्श के लिए अपर मुख्य सचिव वित्त विभाग को अनुरोध पत्र भेजा गया था। अब दस महीने बीत जाने के बाद भी ग्रेड पे उत्क्रमित की मांग पूरी नहीं की गई ।जबकि एक महीने के अंदर विभागीय स्तर पर निर्णय लेने के बाद अनुशंसा वित्त विभाग को भेजा जाना था। उपाध्यक्ष कमलजीत कुमार ने कहा कि कृषि विभाग के योजना और किसानों से संबंधित सारे दायित्व का निर्वाहन कृषि समन्वयक करते हैं लेकिन इस पर किसी का ध्यान नहीं है।धरना प्रदर्शन में कृषि समन्वयक राजेश राज, मधुकर कुमार ,अजय कुमार, अविनाश कुमार, संतोष, रंजय, विकास समेत दर्जनों समन्वयक उपस्थित थे।
क्या कहते हैं, जिला कृषि पदाधिकारी
इस संबंध में कृषि पदाधिकारी अविनाश चंद्रा से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि दो सूत्री मांगों को लेकर कृषि समन्वयको के द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया है।कृषि समन्वयको से बातचीत कर मामला को सुलझा लिया जाएगा।
बरहट से शशि लाल की रिपोर्ट