जमूई,मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बिहार में लगाए गए पूर्ण शराबबंदी कानून को शत-प्रतिशत लागू करने हेतु बिहार केडर के आईपीएस अधिकारी लगातार नशे के खिलाफ मुहिम छेड़ कर युवाओं को मोटिवेट कर रहे है.बिहार के जमुई जिला के निवासी सह किशनगंज के पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष नशे के विरुद्ध लगातार कृतसंकल्पित होकर कार्य कर रहे है,जिस वजह से लगातार किशनगंज पुलिस शराब की बड़ी-बड़ी खेफ पकड़ रही है एवं इसके आलावे आम जन को नशे से होने वाले नुकसान को लेकर भी युवा पीढ़ी को जागरूक कर रहे है.
देश का युवा जहां एक तरफ नशे का शिकार हो रहा है, वहीं दूसरी ओर लोगों को नशे से सावधान रहने की प्रेरणा देने वाले भी कम नहीं हैं. ऐसी ही एक मुहिम बिहार के किशनगंज के युवा एसपी IPS एसपी कुमार आशीष चला रहे है. अपनी व्यस्त दिनचर्या में से कुछ समय निकाल कर लोगों को नशे से दूर रहने के लिए युवा पीढ़ी को एसपी मुहिम चलाकर जागरूक कर रहे हैं. एसपी कुमार आशीष अपनी व्यस्त दिनचर्या एवं ऑफिस के कामो से समय निकालकर खाली वक्त में किशनगंज जिला के सुदूरवर्ती इलाको के गांवों एवं स्कूलों में माननीय मुख्यमंत्री, बिहार सरकार की अति महत्वाकांक्षी योजना पूर्ण शराबबंदी तथा पूर्ण नशाबंदी के लिए अलख जगाने के लिए प्रयासरत है. नशे जैसी आदत से लोगों को बचाने की एसपी कुमार आशीष की ये मुहिम अब रंग लाने लगी है. अब युवा, स्कूली छात्र-छात्राएं, अभिभावक एवं समाज के प्रबुद्ध नागरिक भी इनके साथ आने लगे हैं.
एसपी कुमारआशीष का कहना है आज युवा पीढ़ी नशे की गिरफ्त में हैं. हमारा प्रयास समाज मे नशे की लत में घिर चुके युवा पीढ़ी को नशा त्यागने की प्रेरणा देने के लिए किया जा रहा हैं. प्रतिक्रिया सकारात्मक है इसलिए कि उम्मीद पर दुनिया कायम है. और हम लोगों को ही सही समय पर नशे की गिरफ्त में आने से पहले अगर बचा ले तो ये हमारे लिए देश सेवा से कम नही होगा. मेरे विचार में कोई भी चीज जिसकी शरीर को तलब महसूस होती है और जिससे शरीर को तकलीफ महसूस हो, उसे नशा कहते हैं, चाहे वो शराब, तम्बाकू, ड्रग्स, गांजा, भांग या अन्य कोई पदार्थ क्यों ना हो. हर प्रकार के मादक द्रव्यों का सेवन आपके जीवन में तबाही लेकर आता है. नशा एक अभिशाप है. यह एक ऐसी बुराई है, जिससे इंसान का अनमोल जीवन समय से पहले ही मौत का शिकार हो जाता है. नशे के लिए समाज में शराब, गांजा, भांग, अफीम, जर्दा, गुटखा, तम्बाकु और धूम्रपान (बीड़ी,सिगरेट,हुक्का,चिलम) सहित चरस, स्मैक, कोकिन, ब्राउन शुगर जैसे घातक मादक दवाओं और पदार्थों का उपयोग किया जा रहा है इन जहरीले और नशीले पदार्थों के सेवन से व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक हानि पहुंचने के साथ ही इससे सामाजिक वातावरण भी प्रदूषित होता ही है साथ ही स्वयं और परिवार की सामाजिक स्थिति को भी भारी नुकसान पहुंचाता है. नशे के आदी व्यक्ति को समाज में हेय की दृष्टि से देखा जाता है. नशे करने वाला व्यक्ति परिवार के लिए बोझ स्वरुप हो जाता है, उसकी समाज एवं राष्ट्र के लिया उपादेयता शून्य हो जाती है. वह नशे से अपराध की ओर अग्रसर हो जाता है तथा शांतिपूर्ण समाज के लिए अभिशाप बन जाता है.
उनके जुझारू नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में किशनगंज पुलिस आम नागरिकों के सहयोग से लगातार सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करने में लगी हुई है. पर्याप्त संसाधनों की कमी के बावजूद किशनगंज पुलिस ने पिछले तीन सालों के उनके अब तक के कार्यकाल में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की है.
बिधुरंजन उपाध्याय की रिपोर्ट
जमुई के रहने वाले बिहार के युवा आईपीएस नशे के खिलाफ चला रहे है मुहिम , समय निकाल कर लोगों को करते है जागरूक
