जमुई और किशनगंज का चमचमाता “ध्रुवतारा” जो नई सुबह का नया संदेशा लेकर आता है,जिनके दिलों की धड़कनों में शामिल रहती है किशनगंज और किशनगंज के लोग
जमुई जिला के छोटे से प्रखंड सिकंदरा में पले-बढ़े और आईपीएस बनकर देश सेवा कर रहे किशनगंज पुलिस अधीक्षक कुमार आशीष के अनुसंधान को केंद्रीय अनुसंधान ब्यूरो के बुलेटिन में सराहा गया.मन-कर्म और वचन से सभी के दिलों में अपना एहसास कराने वाला एक नाम जिसे लोग किशनगंज एसपी कुमार आशीष के नाम से जानते हैं. किशनगंज के थाने के थानेदार का मोबाइल नम्बर याद नहीं है तो क्या हुआ? एसपी साहब का नम्बर है ना..इसके पीछे का छुपा राज है कि अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने में पूरे दिल और दिमाग तथा संपूर्ण ईमानदारी के साथ ये पूरे जिलाबल का नेतृत्व करते स्वयं को आगे रखते हैं और उसकी जड़ें खोद डालते हैं.
किशनगंज जिला में इनके योगदान के साथ हीं अपराधियों के मंसूबे धाराशायी होने लगे
शुरुआती दौर में हीं किशनगंज के सुभाषपल्ली डकैती कांड का पर्दाफास करने से लेकर अब तक के सफर में इन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा. किशनगंज पुलिस जैसे शब्दों में सामुहिकता का अर्थ इनके जॉंबाजों का हौसला बुलंद करता रहा और इसका हीं कारण रहा होगा कि एसपी ने किसी भी सम्मान को अपना सम्मान ना मानकर समूह को सम्मान का हकदार बतलाया.जबकि सीबीआई के बुलेटीन में इनके प्रयासों की सराहना करते आज भी इन्हें जगह दी गई है.
चूकि कुमार आशिष किशनगंज जिला के लोकप्रिय एसपी हैं.इसलिये कसीदे पढ़ना या गढ़ना लाजमी भी है.जिनकी शख्सियत किशनगंज जिले का नाम रौशन करने का साथ साथ भारतीय पुलिस सेवा संगठन के लिए भी गौरवपूर्ण उदाहरण बन गया है.जबकि इससे पहले भी भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने भी इनके इसी पथरघट्टी सामुहिक बलात्कार कांड में चंद दिनों के अंदर बलात्कारियों की गिरफ्तारियों सहित उन्हें सजा दिलाने की भी सराहना की थी और अब भारत सरकार के शीर्षस्थ संस्था केंद्रीय अनुसंधान व्यूरो के बुलेटीन में एसपी कुमार आशीष की सराहना से किशनगंज जिलाबासियों और जमुई जिला बासियो का मस्तक काफी ऊंचा कर दिया है.
बिधुरंजन उपाध्याय की रिपोर्ट