जमुई,आज विज्ञान केंद्र जमुई की ओर से बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय पटना केंद्र द्वारा संचालित आदिवासी उपयोजना के अंतर्गत कृषक वैज्ञानिक वार्तालाप का आयोजन परिवार विकास चंद्रशेखर नगर में किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि डॉ रामेश्वर सिंह माननीय कुलपति बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय पटना थे।
कुलपति डॉ रामेश्वर सिंह ने कहा कि कि हम लोग कोरोना का भक्षण ले चुके हैं और इस महामारी को रोकने में कामयाब हुए हैं जो भी लोग टीका अभी तक नहीं लिए हैं वे जरूर ले लेंगे यह अपने लिए नहीं बल्कि और लोग सुरक्षित रह रहे इसके लिए जरूरी है। तत्पश्चात उन्होंने बताया कि डेयरी के क्षेत्र में गुजरात मॉडल देखते हैं कि कैसे समूह के द्वारा लोग डेयरी का काम कर रहे हैं। हम सिर्फ फसलों पर ही आधारित ना रहे बल्कि पशुपालन मत्स्य पालन मुर्गी पालन एवं अन्य शिल्पकार का काम कर अपनी आमदनी को बढ़ा सकते हैं। मार्केटिंग और प्रशिक्षण का काम कृषि विज्ञान केंद्र करेगा। हमारे विश्वविद्यालय की ओर से जो भी सुविधा हो सकती है उसे हम प्रदान करेंगे।
आर्थिक सहायता मायने नहीं रखता बल्कि प्रशिक्षण और प्रेरणा लेने की जरूरी है। मैं प्रसन्न एवं प्रफुल्लित हूं की कि संस्थान निस्वार्थ सेवा के लिए तैयार है यह बहुत बड़ी पहल है संस्थान के साथ मिलकर विश्वविद्यालय नई तकनीकी लाभ को पहुंचाएंगे। फसल में दवा के छिड़काव के लिए जो यंत्र आप यहां से ले जाकर इस्तेमाल करेंगे उसके लिए प्रशिक्षण जरूरी है कि मशीन कैसे चलाना है। सावधानी रखनी है की दवा का प्रतिकूल छिड़काव का असर ना पड़े। कैसे बचेंगे प्रशिक्षण द्वारा प्राप्त करेंगे मैं टीम के साथ फिर आकर काम करूंगा अधिक से अधिक अनुदान दे पाए ऐसा व्यवस्था करेंगे। आप ग्रुप बनाएं और समूह के द्वारा आगे काम करेंगे।
आदिवासी समुदाय में सफलता ज्यादा देखती है यहां नए काम की शुरुआत करेंगे। मंच का संचालन कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि वैज्ञानिक डॉ सुधीर कुमार यह के द्वारा किया गया। विकास संस्थान के सचिव भावानंद जी के द्वारा स्वागत और धन्यवाद ज्ञापन किया गया।
प्रवीण कुमार दुबे की रिपोर्ट