जमुई, भाकपा माले के राज्यव्यापी विरोध दिवस के तहत जमुई जिले की कचहरी चौक पर भाकपा माले के कार्यकर्ताओं ने आंदोलनकारी किसानों पर दमन के खिलाफ राज्यव्यापी विरोध कर धरना दिया गया. धरना की अध्यक्षता भाकपा माले के जिला सचिव शंभू शरण सिंह ने किया. उन्होंने कहा की 3 कृषि बिल की वापसी के लिए किसान आरपार की लड़ाई के मूड में हैं. एक ओर किसानों की दुश्मन मोदी सरकार व कारपोरेट घराने हैं तो दूसरी ओर किसान व उनके समर्थन में देश की जनता है. लगता है, शाहीन बाग आंदोलन की ही तर्ज पर यह देश के किसानों का दूसरा शाहीन बाग बनने वाला है.
आंदोलनकारी किसानों पर दमन ढाह रही है मोदी सरकार-शम्भू शरण
वही धरने को सम्बोधित करते है बासुदेब रॉय ने कहा कि किसान अपने अधिकार के सवाल को लेकर आंदोलन कर रहे और सरकार इस पर बात नही कर के उल्टे किसानों पर मुकदमा कर रही है.आइसा के प्रदेश उपाध्यक्ष बाबू साहब ने कहा कि मोदी सरकार कृषि स्वरूप को बदलकर कॉरपोरेट वर्चस्व थोपने वाले किसान विरोधी तीनों कानून के खिलाफ किसानों का देशव्यपी आंदोलन यह फासिस्ट मोदी सरकार जिस प्रकार किसानों के अधिकार पर दमन ढाह रही है.यह मोदी सरकार की फ़ासिस्ट चरित्र को दर्शाता है.भाकपा माले किसानों के समर्थन में और सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के पक्ष में है और यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी जब तक कि सरकार अपने इस तुगलकी फरमान को वापस नहीं ले लेते.
वही मौके पर उपस्थित भाकपा माले नेता जय राम तुरी ने कहा कि बिहार में धान की बंपर उत्पादन के बाद किसानों के धान को बिचौलियों द्वारा औने पौने दाम में लेने पर किसानों को मजबूर किया जा रहा है. नीतीश सरकार मूकदर्शक की तरह बैठे हुए.भाकपा माले सरकार से यह मांग करती है.बिहार के सभी पंचायतों में धान क्रय केंद्र न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लेने की गारंटी करें.अगर सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान लेने की गारंटी नहीं करेगी तो नीतीश कुमार के खिलाफ पूरे बिहार के किसान को एकजुट करते हुए करते हुए बडी आंदोलन की जाएगी.
फासिस्ट मोदी सरकार के खिलाफ आर पार की लड़ाई लड़ रही है देश के किसान-बाबू साहब
मौके पर उपस्थित अलीगंज के प्रखंड सचिव महेंद्र यादव, मोहम्द हैदर, ब्रह्मदेव ठाकुर नागेश्वर पासवान, राजकिशोर किस्को, पूरी कारू तुरी, विसुन, चूरन मांझी, तांती सविता देवी, बच्चू मांझी, नरेश यादव, सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे.
मुकेश कुमार पासवान की रिपोर्ट