जमुई,जहां एक और बिहार में पूर्ण शराबबंदी है और सरकार शराबबंदी को लेकर तमाम तरह के दावे करती हैं. उसके बावजूद भी शराब माफिया और शराब का सेवन करने वाले बाज नहीं आ रहे हैं. हाल ही में दीवाली के दौरान जहरीली शराब पीने से बिहार के बेतिया और गोपालगंज जिले में 26 लोगों की मौत हो गई है. आंकड़ों के हिसाब से देखा जाए तो इस साल अभी तक लगभग 70 लोग जहरीली शराब पीकर काल के गाल में समा गए हैं.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा शराबबंदी को लेकर जल्द ही समीक्षात्मक बैठक की जाने वाली है. सत्ता पक्ष के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के बिहार में शराब का सेवन करते हुए वीडियो लगातार वायरल होता रहा है. ताजा मामला जमुई जिले से है जहां बीजेपी के जिला सोशल मीडिया संयोजक भगवान पांडे को पुलिस ने नशे की हालत में गिरफ्तार किया है. मीडिया कर्मियों द्वारा पूछे जाने पर भगवान पांडे वीडियो में कहते हुए देखे जा रहे हैं कि उन्होंने शराब बिहार में नहीं पिया है वह तो देवघर से आ रहे थे उन्होंने शराब का सेवन देवघर झारखंड में ही किया है.
भगवान पांडे और उनके साथ दो व्यक्ति को चकाई से गिरफ्तार किया गया है. तीन लोग नशे में धुत थे और उनके घर से शराब की बोतल भी चकाई पुलिस ने बरामद किया है. पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर मध निषेध अधिनियम के तहत जेल भेज दिया है.
अब सवाल यह उठता है कि नीतीश सरकार की शराबबंदी फेल है या पास यह तो आम जनता जान ही रही है.
जिस तरह से नीतीश सरकार के गठबंधन के कार्यकर्ता और नेताओ का वीडियो शराब का सेवन करते हुए लगातार सुबे में मिलते रहे हैं इससे नीतीश सरकार के शराबबंदी पर सवाल उठना तो लाजमी है.
कुमार नेहरू की रिपोर्ट