जमुई, कोरोनावायरस की तीसरी लहर को देखते हुए पूरे विश्व में भय का माहौल बनता जा रहा है. भारत में भी कोरोना की तीसरी रफ्तार पीक पर पहुंचती जा रही है.ऐसे में केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा कोरोनावायरस की रफ्तार को रोकने के लिए तेजी से टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है. लोगों को कोरोना का टीका लेने के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है. वही जमुई के स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीकाकरण में घोर लापरवाही बरती जा रही है. वैसे लोगों का भी टीकाकरण का सर्टिफिकेट जारी हो जा रहा है.जिन्होंने दूसरा डोज़ लिया ही नहीं है.
ताजा तरीन मामला जमुई जिले के हांसडीह के रहने वाले हरेराम के साथ घटा है. इस मामले में हरेराम ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर बताया कि मैंने फर्स्ट डोज एक 11 अक्टूबर 2021 को लिए थे और हमारा सेकंड डोज लेने का तारीख था 3 जनवरी 2022 लेकिन मैंने अभी तक दूसरा डोज नहीं लिया था.लेकिन अचानक 10 जनवरी 2022 7:29 पर पूर्वाहन हमारा मोबाइल पर मैसेज आता है कि आपका दूसरा डोज सक्सेसफुल हो चुका है.आप अपना सर्टिफिकेट डाउनलोड कर ले. इस मामले में हरे राम ने दोषियों पर कार्रवाई की गुहार लगाते हुए कहा है कि एक तरफ सरकार कहती है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए दोनों टीका जरूर लें. वही हमारा टीकाकरण सर्टिफिकेट खुद ब खुद जारी हो जाता है. वैसे मैं हम कोरोना की दूसरी डोज़ किस तरह से लें.

टीकाकरण के दूसरे डोज़ से वंचित हरेराम
जब इस मामले में टीकाकरण से जुड़ी कर्मचारी सोनी कुमार से बात किया तो सोनी कुमारी कुछ भी कहने से इनकार कर दिया. फिर जब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमुई के बीसीएम से बात किया तो उन्होंने बताया कि सॉफ्टवेयर की तकनीकी खामियों की वजह से इस तरह की गलती हो रही है. अगर इस तरह की गलती के मामले में कोई आ कर बताता है, तो उसका टीकाकरण कर दिया जाता है.
बहरहाल मामला जो भी हो इस तरह की तकनीकी खामी के वजह से कई लोग टीकाकरण से वंचित रह सकते हैं. इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता है की कोविड-19 के टीकाकरण के आंकड़े को बढ़ाकर दिखाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीका नहीं लेने वालों का भी टीकाकरण सर्टिफिकेट जारी कर दिया जा रहा हो.
कुमार नेहरू की रिपोर्ट