जमुई, सीआरपीएफ की स्थापना 27 जुलाई, 1939 को ब्रिटिश राज के तहत क्राउन प्रतिनिधि पुलिस के रूप में यह अस्तित्व में आया. आजादी के बाद, देश के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा 28 दिसंबर, 1949 को सीआरपीएफ अधिनियम को लागू करने के साथ सीआरपीएफ अस्तित्व में आया था . 1939 से लेकर अभी तक लगभग कुल 260 बटालियन है.जिसमें 10 कोबरा बटालियन ,06 महिला बटालियन,04 वीआईपी सुरक्षा बटालियन एवं 15 आर ए एफ बटालियन शामिल है. जो भारत के विभिन्न क्षेत्रों में तैनात हैं. यह बल भारत देश में आंतरिक सुरक्षा, नक्सल समस्या,चुनाव ड्यूटी, अलगाववादी/आतंकवादी जैसी समस्या हेतु तैनात होकर आम जनता को सुरक्षा प्रदान करती आ रही है.
जम्मू कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक सीआरपीएफ कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से कायम करने के लिए हमेशा तत्पर रहती है.
प्रति वर्ष की भांति आज भी 215 बटालियन सीआरपीएफ ने मलेपुर कैंप में अपनी महान बल की स्थापना दिवस मनाया. इस शुभ अवसर पर श्री अमर राज सहायक कमांडेंट ने क्वार्टर गार्ड पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में शहीद जवानों की याद में बनाए गए शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित किए तथा उपस्थित सभी कार्मिकों को संबोधित करते हुए कहे कि आप सभी की मेहनत और शौर्य की बदौलत ही सीआरपीएफ लगातार सन 1939 से भारत की आंतरिक सुरक्षा,नक्सल समस्या,कानून व्यवस्था एवं चुनाव ड्यूटीओ को अच्छी तरह निर्वाहन करती आ रही हैश्रतथा भविष्य में आप सभी इसी प्रकार अपने प्रदर्शन को उत्कृष्ट बनाए रखने में अपना अपना महत्वपूर्ण योगदान देते रहे.
अंत में इस शुभ अवसर पर सभी कार्मिक व उनके परिवार को शुभकामनाएं दिए. इस शुभ अवसर पर डॉ सुभाष कुमार सुमन मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सहायक कमांडेंट अमर राज एवं अधीनस्थ अधिकारी और जवान उपस्थित थे.
धर्मेंद्र कुमार की रिपोर्ट
215 बटालियन सीआरपीएफ मलेपुर कैंप परिसर में 83 वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया
