हाई जंप में भारत का दबदबा, तीनों पदकों पर भारतीय खिलाड़ियों का कब्जा; लंबी कूद में कांस्य जीतकर शैलेश ने अब तक झटके दो पदक
जमुई। जापान के आइची-नागोया में आयोजित पैरा एशियन गेम्स में जमुई के लाल शैलेश कुमार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। जिले के अलीगंज प्रखंड अंतर्गत इस्लामनगर गांव के रहने वाले 26 वर्षीय पैरा एथलीट शैलेश ने टी-63 वर्ग की ऊंची कूद स्पर्धा में 1.89 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। उनकी इस उपलब्धि से बिहार सहित पूरे जमुई जिले में खुशी की लहर है।
ऊंची कूद स्पर्धा में भारत का दबदबा देखने को मिला। शैलेश कुमार ने स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि वरुण भाटी ने रजत और राहुल सरोहा ने कांस्य पदक जीतकर भारत का परचम लहराया। इस तरह स्पर्धा के तीनों पदक भारतीय खिलाड़ियों के खाते में गए।

लंबी कूद में भी जीता कांस्य पदक
शैलेश कुमार ने इससे पहले लंबी कूद स्पर्धा में भी शानदार प्रदर्शन किया था। उन्होंने 5.57 मीटर की छलांग लगाकर तीसरा स्थान हासिल किया और कांस्य पदक जीता। इस प्रकार शैलेश अब तक प्रतियोगिता में दो पदक अपने नाम कर चुके हैं।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहले भी दिखा चुके हैं दम
शैलेश कुमार का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करने का सिलसिला पुराना है। वर्ष 2023 में चीन के हांगझोऊ में आयोजित पैरा एशियन गेम्स में भी उन्होंने ऊंची कूद में स्वर्ण पदक जीता था। वहीं, नई दिल्ली में आयोजित विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 1.91 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल हासिल किया था। शैलेश पेरिस पैरालंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

संघर्ष और मेहनत से बनाई अलग पहचान
शैलेश कुमार बचपन से ही दाहिने पैर से दिव्यांग हैं, लेकिन उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर अंतरराष्ट्रीय खेल जगत में खास पहचान बनाई है। उनकी उपलब्धियां उन खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा हैं, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं।
बिहार सरकार की ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ योजना के तहत शैलेश को सरकारी नौकरी भी मिली है। वर्तमान में वह नालंदा जिले में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (सीडीपीओ) के पद पर तैनात हैं। खेल के मैदान में देश के लिए पदक जीतने के साथ-साथ वह अपनी प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी निभा रहे हैं।
इस्लामनगर से पूरे जमुई में खुशी का माहौल
शैलेश की इस शानदार उपलब्धि पर जिले के लोगों, खेल प्रेमियों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी है। उनके पैतृक गांव इस्लामनगर सहित पूरे जमुई जिले में उत्साह का माहौल है। शैलेश कुमार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि मजबूत इच्छाशक्ति, निरंतर अभ्यास और मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन किया जा सकता है।




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