जमुई, बरहट प्रखंड अंतर्गत क्युल नदी के तट पर स्थित पत्नेश्वर धाम मंदिर शिव विवाह के लिए पूरी तरह सजधर कर तैयार हो गया। बुधवार की देर रात पूरे वैदिक विधि विधान के साथ बाबा भोले और माता पार्वती की शादी होगी।शादी में शामिल होने के लिए अलग-अलग जगहों के शिव भक्तों की टोली मंदिर पहुंच चुकी है। बाबा भोलेनाथ व माता पार्वती की शादी को लेकर पूरे मंदिर परिसर को रंग बिरंगे रौशनी में सजा दिया गया है। जो शाम होते ही दुधिया रोशनी में नहा उठता है।
मंदिर के पुजारी निरंजन पांडे ,सुजीत पांडे ने बताया की बाबा का बरात शनिवार को संध्या 6:00 बजे मंदिर से निकाली जाएगी ।पतनेश्वर धाम मंदिर से बरात निकलकर पतौना चौक होते हुए मलयपुर बस्ती और ले जाया जाएगा।इसके बाद खैरमा होकर पुनः मंदिर में आकर बाबा भोलेनाथ का विवाह संपन्न कराई जाएगी ।
जिसकी सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए भोजन की भी व्यवस्था पूजा समिति की ओर से की गई है। ताकि अधिक से अधिक संख्या में श्रद्धालु जूटें। वहीं शिवरात्रि के पूर्व जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह एवं बिहार विशेष सशस्त्र 11 के समादेष्टा हिमांशु शंकर त्रिवेदी मंदिर में पहुंचकर पूजा अर्चना किए।
जिले में प्रसिद्ध है पतनेश्वर धाम मंदिरपतनेश्वर धाम मंदिर में भव्य तरीके से भगवान शिव माता पार्वती की विवाह संपन्न कराई जाती है। विवाह उत्सव में शामिल होने के लिए आसपास जिले से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। वहीं 11 दिवसीय अखंड राम धुन यज्ञ आयोजित की गई है। मान्यता है कि सावन माह में कियुल नदी में स्नान ध्यान कर सच्चे मन से जो भी श्रद्धालु भगवान शिव पर जलाअभिषेक कर मन्नत मांगते हैं। उनकी मुरादे भगवान शिव पूरी करते हैं। मान्यता है कि यहां भगवान शिव पर जलाअभिषेक करने से कुष्ठ रोगियों को मुक्ति मिलती है।
बरहट से शशिलाल की रिपोर्ट