जमुई विधानसभा क्षेत्र में आगामी चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। चर्चा का विषय बने हुए हैं नेचर विलेज के संस्थापक व पूर्व सीओ निर्भय प्रताप सिंह, जिनके चुनाव लड़ने की अटकलें जोरों पर हैं। पूरे जिले में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि क्या निर्भय प्रताप सिंह इस बार जमुई से विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाएंगे। हालांकि अभी उन्होंने कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन स्थानीय सक्रियता को देखते हुए उनके राजनीतिक सफर की संभावनाएं प्रबल मानी जा रही हैं।

निर्भय प्रताप सिंह का सामाजिक योगदान किसी से छुपा नहीं है। उन्होंने नेचर विलेज की स्थापना लक्ष्मीपुर प्रखंड के मटिया गांव से की थी, जो अब जिले में एक पहचान बन चुका है। यह संगठन न सिर्फ सामाजिक जागरूकता फैलाने में सक्रिय है, बल्कि स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। विशेष रूप से मटिया गांव की महिलाओं को सिलाई, बुनाई, कढ़ाई जैसी कलाओं में प्रशिक्षित कर उन्हें हर्बल गुलाल और मसाले के उत्पादन से जोड़ा गया है, जिससे अब वे आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। आज सैकड़ों लोग नेचर विलेज के माध्यम से सम्मानजनक रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। संगठन समय-समय पर स्वास्थ्य, शिक्षा और स्वच्छता जैसे मुद्दों पर जागरूकता अभियान भी चलाता है। नेचर विलेज द्वारा निर्मित मसाला की मांग पूरे जमुई जिले समेत पूरे बिहार से आ रही है।

यदि निर्भय प्रताप सिंह चुनावी मैदान में उतरते हैं, तो उनके सामाजिक कार्यों के कारण उन्हें जनता का व्यापक समर्थन मिल सकता है। अब देखना यह होगा कि क्या वे अपने सामाजिक जीवन से राजनीतिक पारी की ओर कदम बढ़ाते हैं।
Jamui Today News Desk



