जमुई जिले के अति नक्सल-प्रभावित क्षेत्रों में शुमार चोरमारा गांव में मतदान संपन्न होने के बाद विकास की एक नई रोशनी दिखने लगी है। वर्षों से बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जूझ रहे इस गांव में जिला प्रशासन के सतत प्रयास अब जमीन पर दिखने लगे हैं।
बिजली और पेयजल की समस्या दूर करने की पहल
लंबे समय से गांव में बिजली का अभाव ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ था। बिजली न होने के कारण पेयजल से लेकर अन्य आवश्यक सेवाओं तक प्रभावित थीं। लेकिन अब स्थिति बदल रही है—गांव में बिजली के खंभे लगाने का काम शुरू हो चुका है, जिससे जल्द ही इस दुर्गम इलाके तक बिजली पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।

वर्षों की दुश्वारी खत्म: अब गांव में ही मिलेगा राशन
पिछले करीब 25 वर्षों से चोरमारा गांव के लाभुकों को जन वितरण प्रणाली (PDS) का राशन गांव में उपलब्ध नहीं कराया जाता था। नक्सली खतरे और सुरक्षा कारणों से ग्रामीणों को अपना हिस्सा पाने के लिए कई किलोमीटर लंबा जंगली और पहाड़ी रास्ता तय कर बरहट तक पैदल जाना पड़ता था। कठिन रास्तों और जोखिम भरी यात्रा के चलते कई ग्रामीण हर माह राशन से वंचित रह जाते थे।
जिलाधिकारी के निर्देश पर पहली बार गांव में वितरण
जिलाधिकारी नवीन कुमार के निर्देश पर इस माह से चोरमारा गांव में ही राशन वितरण की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। मंगलवार को जिले के वरिष्ठ अधिकारियों—एडीएम और अनुमंडल पदाधिकारी—ने स्वयं चोरमारा पहुंचकर ग्रामीणों के बीच राशन वितरित किया।
अनुमंडल पदाधिकारी सौरव कुमार ने बताया कि नक्सली समस्या के चलते पिछले 25 वर्ष से गांव में राशन वितरण संभव नहीं हो पा रहा था। लेकिन अब सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होने के बाद गांव में ही पीडीएस वितरण का निर्णय लिया गया है।

नए राशन कार्ड और ई-केवाईसी की व्यवस्था भी शुरू
राशन वितरण के साथ ही जिला प्रशासन ने गांव में कैंप लगाकर नए राशन कार्ड बनाने की भी घोषणा की है। इसके अलावा, सभी लाभुकों का ई-केवाईसी कराया जाएगा ताकि किसी भी पात्र परिवार को अनाज से वंचित न होना पड़े। प्रशासन का लक्ष्य है कि आने वाले महीनों में गांव को शत-प्रतिशत खाद्यान्न उपलब्धता वाली श्रेणी में शामिल किया जा सके।
ग्रामीणों में दिखी खुशी और विश्वास
वर्षों बाद गांव में राशन पहुंचने से ग्रामीणों में खुशी और राहत की भावना देखने को मिली। लोगों ने प्रशासन की इस पहल को ऐतिहासिक बताया और उम्मीद जताई कि आने वाले दिनों में अन्य मूलभूत सुविधाएं भी तेजी से विकसित होंगी।
कुमार नेहरू की रिपोर्ट



