जमुई, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को निष्पक्ष और भयमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए जमुई जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। जिला दंडाधिकारी सह शस्त्र दंडाधिकारी नवीन ने सोमवार को जिले के 49 लाइसेंसी हथियारों के अनुज्ञप्ति तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए।
प्रशासन के आदेश के मुताबिक, नामित लाइसेंसधारियों को 48 घंटे के भीतर अपने हथियार नजदीकी थाना में जमा करने होंगे और इसकी सूचना संबंधित अधिकारी को देनी होगी। साथ ही उन्हें 15 दिनों के भीतर कारण पृच्छा (शो-कॉज) समर्पित करना अनिवार्य होगा। तय समय सीमा तक जवाब नहीं देने पर माना जाएगा कि उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं है, जिसके बाद आयुध अधिनियम 1959 और आयुध नियमावली 2016 के तहत उनके लाइसेंस रद्द किए जाएंगे।
जिला दंडाधिकारी ने बताया कि जमुई थाना क्षेत्र के 37, झाझा के 08 और चंद्रदीप थाना क्षेत्र के 04 लाइसेंसधारियों ने निर्धारित तिथि तक अपने हथियारों और कारतूसों का भौतिक सत्यापन नहीं कराया। सत्यापन के लिए 05 से 10 मई तक शिविर आयोजित किया गया था। इसके बाद 18 से 30 जून तक समय बढ़ाकर पुनः अवसर दिया गया और अखबारों में सूचना भी प्रकाशित की गई, बावजूद इसके ये लाइसेंसधारी अनुपस्थित रहे।
डीएम नवीन ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा कि चुनाव के दौरान निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई आवश्यक थी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि तय समय सीमा के भीतर हथियार जमा नहीं करने और कारण पृच्छा का जवाब नहीं देने पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कुमार नेहरू की रिपोर्ट



