Jamui , विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही सोमवार से जमुई जिले में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी नवीन ने जानकारी देते हुए बताया कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा भी प्रभावी कर दी गई है।
डीएम ने बताया कि आचार संहिता लागू होने के 24 घंटे के भीतर सभी सरकारी संपत्तियों से राजनीतिक दलों के बैनर, पोस्टर, होर्डिंग और दीवार लेखन को हटाना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर संबंधित दल के जिलाध्यक्ष या सचिव पर कार्रवाई की जा सकती है। सार्वजनिक संपत्ति से 48 घंटे और निजी संपत्ति से 72 घंटे के भीतर सभी प्रचार सामग्री हटाई जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के लिए मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर या अस्पताल जैसी धार्मिक या सार्वजनिक जगहों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। जाति, धर्म, भाषा या समुदाय के आधार पर तनाव फैलाना, मतदाताओं को डराना-धमकाना या रिश्वत देना दंडनीय अपराध है।
नामांकन प्रक्रिया के दौरान नियमों का पालन करना आवश्यक होगा। निर्वाची पदाधिकारी के कक्ष के 100 मीटर की परिधि में केवल तीन वाहन ही प्रवेश कर सकेंगे। नामांकन के समय अधिकतम पांच और स्क्रुटनी के समय अधिकतम चार व्यक्ति ही चेंबर में उपस्थित हो सकते हैं।
डीएम ने बताया कि मतदान से 48 घंटे पहले प्रचार पूरी तरह निषिद्ध रहेगा। किसी के मकान या दीवार पर बिना अनुमति पोस्टर लगाना या लेखन करना अपराध की श्रेणी में आता है। अन्य दलों के पोस्टर, बैनर या जुलूस में बाधा डालना भी निषिद्ध है।
लाउडस्पीकर के उपयोग का समय सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक निर्धारित किया गया है, जिसके लिए संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी से अनुमति लेनी होगी। जुलूस में वाहनों की लंबी कतार नहीं बने, इसके लिए 10-10 वाहनों के अंतराल पर जुलूस गुजरेंगे।
मतदान दिवस पर मतदान केंद्र से 100 मीटर की परिधि के बाहर ही किसी भी दल या अभ्यर्थी द्वारा हेल्प डेस्क लगाया जा सकता है। आचार संहिता के दौरान किसी भी नए कार्य का उद्घाटन या शिलान्यास नहीं किया जा सकेगा, और किसी भी प्रकार के सरकारी कार्यक्रम के लिए पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी।
डीएम ने जिलेवासियों और राजनीतिक दलों से आचार संहिता का पूर्ण पालन करने की अपील की है ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।
कुमार नेहरू की रिपोर्ट



