जमुई रेल पुलिस ने रविवार की शाम जमुई स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक के शौचालय के पास लावारिश पड़े तीन बैग तथा एक थैला से 23.730 लीटर अंग्रेजी शराब के साथ 4.250 किलो गांजा की बरामदगी किया। हालांकि इस दौरान शराब व गांजा तस्कर पुलिस के हाथ नहीं लगे। बावजूद यह जमुई जीआरपी की बड़ी सफलता मानी जा रही है। कारण पहली बार रेल पुलिस ने स्टेशन पर से गांजा की बरामदगी की है। जब्त शराब व गांजा की कीमत बाजार में लाखों रुपए बताई गई है।
मिली जानकारी के अनुसार रुटीन चेकिंग के दौरान जीआरपी जवान जब एक नंबर प्लेटफार्म पर गश्ती करते शौचालय की ओर गए तो वहां लावारिश अवस्था में तीन बैग तथा एक थैला पाया। पूछताछ करने पर किसी भी यात्री ने उसे अपना नहीं बताया। तब जवान ने यात्रियों की उपस्थिति में बरामद बैग एवं झोला की तलाशी लिया तो बैग से आफिसर च्वाइस, इंम्पेरियल ब्लू तथा रायल स्टेज सुपीरियर का अंग्रेजी शराब कुल 23.73 लीटर बरामद हुआ जबकि थैला से 4.250 किलो गांजा की बरामदगी की गई।
जब्त शराब बंगाल एवं झारखंड निर्मित बताई गई है। अनुमान लगाया जाता है कि शराब तस्कर किसी ट्रेन से शराब व गांजा लेकर उतरे तथा उसे ठिकाना लगाने की फिराक में थे, किंतु तब तक जीआरपी जवान वहां पहुंच गए। दबी जुबान स्थानीय ग्रामीण बताते हैं कि शराब कारोबार में स्थानीय लोगों की भूमिका अहम होती है जो शराब को गंतव्य तक पहुंचाते हैं।
तस्करी के लिए ट्रेन है सशक्त माध्यम
सूत्र बताते हैं कि बंगाल एवं झारखंड से आने वाली ट्रेनें तस्करों का सशक्त माध्यम है। हालांकि रेल पुलिस की लगातार दबिस के कारण शराब पकड़े भी जाते हैं, बावजूद शराब माफिया शराब की तस्करी करने से बाज नहीं आते। सूत्र बताते हैं कि ट्रेन से तस्करी में तस्कर के पकड़ाने की संभावना काफी कम हो जाती है।
युवा पीढ़ी कर रहे गांजा का सेवन
सूत्रों की मानें तो शराब पर प्रतिबंध लग जाने के बाद युवा पीढ़ी तेजी से कफ सीरप तथा गांजा की तरफ मुखातिब हुए हैं। सूत्र बताते हैं कि हर छोटी-बड़ी चाय पान की दुकान में गांजा का पुड़िया आसानी से उपलब्ध हो जाता है। जिसके आदि युवा तेजी से हो रहे हैं। अगर समय रहते युवाओं को जागरूक नहीं किया गया तो शत प्रतिशत युवा नशा के दल दल में फंसते नजर आएंगे।
कहते हैं रेल थानाध्यक्ष
इस संबंध में रेल थानाध्यक्ष मनोज कुमार देव बताते हैं कि मामले में अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उन्होंने बताया कि शराब तस्करों के खिलाफ जांच अभियान जारी रहेगा।
बरहट से शशिलाल की रिपोर्ट