जमुई: लक्ष्मीपुर प्रखंड के सोनदीपी गांव में सोमवार रात एक परिवार के लिए रात का सन्नाटा डरावने रोमांच में बदल गया, जब घर के बरामदे में सो रहे विकास कुमार यादव की खाट के नीचे से अचानक तेज आवाज और फड़फड़ाहट सुनाई दी। घबराए विकास ने जब रोशनी की, तो खाट के नीचे एक ब्राउन रंग का बड़ा उल्लू बैठा मिला।
परिवार के लिए यह अनुभव असामान्य और भयावह था। उन्होंने सूझ-बूझ से काम लेते हुए उल्लू को नुकसान पहुंचाए बिना एक कमरे में बंद कर दिया और पूरी रात उसकी निगरानी करते रहे। सुबह होते-होते यह खबर पूरे गांव में फैल गई और उल्लू को देखने वालों की भीड़ विकास के घर पर जुट गई।
बाद में वन विभाग को सूचना दी गई। मंगलवार दोपहर को वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उस दुर्लभ उल्लू को अपने कब्जे में ले लिया। वन आरक्षी नीलू पासवान के मुताबिक, यह उल्लू ‘बार्न आउल’ प्रजाति का है, जो भारत में कम ही देखा जाता है। वजन करीब 700 ग्राम है और यह अभी बच्चा है।
फिलहाल उल्लू को पशु चिकित्सक की निगरानी में रखा गया है। स्वस्थ होने के बाद उसे जंगल में छोड़ दिया जाएगा।
बता दें कि इससे पहले 14 जुलाई को भी जमुई के बिहारी मोहल्ले में एक सफेद उल्लू मिला था, जिसकी कीमत 20 से 30 लाख रुपये बताई गई थी। लगातार इस तरह के दुर्लभ उल्लुओं का मिलना वन्यजीव तस्करी के खतरे और जैव विविधता के महत्व की ओर इशारा करता है।



