सोते रहे विभाग तो वार्ड सदस्य ने सीओ से लेकर मुख्यमंत्री तक की शिकायत
JAMUI– बरहट अंचल क्षेत्र के नुमर पंचायत जावातरी वार्ड नं 6 में अवस्थित महामहिम राज्यपाल के नाम पर निबंधित 10 डिसमिल जमीन को रैयत के बेटा के द्वारा बिक्री कर दिए जाने का मामला प्रकाश में आया है। जबकि उक्त जमीन उप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जावातरी के नाम से महामहिम राज्यपाल के नाम पर निबंधित है। इस आशय को लेकर वार्ड सदस्य संतोष कुमार दास ने लगभग दो साल पहले मुख्यमंत्री , सांसद , भूमि सुधार उपसमाहर्ता जमुई, प्रखंड विकास पदाधिकारी बरहट , अंचलाधिकारी बरहट को लिखित आवेदन देकर मामले की शिकायत किया था। इसके बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुआ है।
अपने दिए आवेदन में वार्ड सदस्य ने बताया था कि खाता संख्या 14 खेसरा संख्या1211 जिसका रकबा 10 डिसमिल है। उक्त जमीन को रैयत फागु रविदास पिता लक्ष्मण रविदास ने प्राथमिक उपचारक स्वास्थ्य केंद्र जावातरी भवन निर्माण के लिए महामहिम राज्यपाल के नाम पर निबंधित किया था। फागु रविदास का देहांत हो जाने के बाद अब उक्त ज़मीन को उसका बेटा जमुना रविदास, राजकुमार रविदास, मदन दास सब मिलकर 2 खरीदार के पास 5-5 डिसमिल जमीन बेच दिया है।
वार्ड सदस्य ने बताया की इसकी जानकारी मिलने के बाद बीते साल 21-07-22 के तत्कालीन अंचलधिकारी रणधीर प्रसाद को लिखित आवेदन देकर उक्त जमीन का मोटेशन रोकने की मांग की गई थी। लेकिन हैरत की बात यह कि एक खरीदार का मोटेशन भी कर दिया गया। जिसकी शिकायत भी जिला वरिय पदाधिकारी से की गई है। इसके बावजूद भी दोषियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
गांव में खोजने पर नहीं मिला अस्पताल
जिस ज़मीन को बेचा गया उक्त जमीन महामहिम राज्यपाल के नाम पर निबंधित होने के बाद सरकार के द्वारा उप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जावातरी खोला गया था। ग्रामीणों ने बताया साल 1978 में अस्पताल भवन का निर्माण किया गया था। जहां की सरकारी डॉक्टर भी लोगों का इलाज करने के लिए आया करते थे। साल 1995 तक अस्पताल ठीक-ठाक संचालित हुआ। इसके बाद यहां स्वास्थ्य कर्मी काआना बंद हो गए और धीरे-धीरे अस्पताल पूरी खंडरहर में तब्दील हो गया। अब धरातल पर अस्पताल का एक ईंट भी नहीं है। हालांकि अस्पताल का जमीन पर खरीदारों के द्वारा घेराबंदी कर दी गई है।

29 साल से कागज पर संचालित हो रहा है अस्पताल
मामले की जानकारी मिलने के बाद जब संवाददाता ने इसकी पड़ताल की गई तो उप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जावातरी गांव में पर खोजने पर नहीं मिला। जबकी स्वास्थ्य विभाग के डायरी में यहां उप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जावातरी संचालित हो रही है। जिसका खुलासा स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी ज्ञापांक 402 पत्रांक 5 में हुआ है। लेटर के अनुसार नुमर पंचायत के जावातरी प्राईवेट हास्पिटल में 23 दिसंबर को शिविर लगाना सुनिश्चित किया गया। इस शिविर में तीन एएनएम की नियुक्ति भी कर दी गई। जैसे ही विभाग ने पत्र जारी किया चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया कि जब उक्त स्थल पर अस्पताल या सरकारी भवन ही नहीं है तो फिर वहां शिविर कैसे।
क्या कहते हैं प्रभारी जिला चिकित्सा पदाधिकारी ?
कागज पर अस्पताल संचालन किए जाने को लेकर जब जिला प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर नौशाद अहमद से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया की जब अस्पताल नहीं है तो वहां स्वास्थ्य कर्मी कहां पर ड्यूटी कर रही है यह जांच पड़ताल की विषय है।
क्या कहते हैं जिलाधिकारी ?
इस संबंध में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा से जब बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि मामले की जानकारी हमें नहीं है। जांच पड़ताल कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
बरहट से शशिलाल की रिपोर्ट