जमुई जिला पंजीकरण सह परामर्श केंद्र धधौर में अंकुरण परियोजना के तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी अवनीश कुमार सिंह द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। बिहार सरकार द्वारा चलाए जा रहे अंकुरण परियोजना के तहत सरकारी विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को विद्यालय में वाटिका का निर्माण, सहभागिता व चेतना सत्र के माध्यम से खाद्य विविधता जागरूकता, जैविक खेती, सब्जियों में पोषण मूल्य, स्वच्छता आदि विषयों की जानकारी दी जानी है। जिसके लिए जिले के सभी स्कूलों में पोषण वाटिका का निर्माण शिक्षा विभाग के द्वारा किया जाएगा। पोषण वाटिका में उगाए गए सब्जियों एवं खाद्य पदार्थों को स्कूल के मध्यान भोजन में प्रयोग में लाया जाएगा। जिससे विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र छात्राओं को जैविक पोषण युक्त आहार मिल सके। मध्यान भोजन में जैविक पोषण युक्त आहार शामिल हो जाने से विद्यालय के बच्चों का संपूर्ण मानसिक और शारीरिक विकास होगा। और विद्यालय के बच्चे जैविक खेती एवं पोषण युक्त आहार के प्रति जागरूक होंगे।
इस मौके पर जिलाधिकारी अवनीश कुमार सिंह ने बताया कि खैरा प्रखंड के सखीकुडा विद्यालय में बच्चों की जैविक खेती का प्रशिक्षण दिया गया था। जिसकी सफलता को देखते हुए जिले के 10 स्कूलों के कुल 20 बच्चों को जैविक खेती का प्रशिक्षण दिया गया।15 दिनों के अंदर सभी विद्यालय में जैविक खेती शुरू करने का कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
आपको बता दें कि जिले में खैरा प्रखंड के सखीकुडा उत्क्रमित मध्य विद्यालय में पर प्रायोगिक तौर पर काफी समय पहले से पोषण वाटिका का निर्माण कर बच्चों को जैविक खेती के गुर सिखाए जा रहे हैं। सखीकुडा विद्यालय के बच्चे जैविक खेती के गुर सिख कर गांव के लोगों को भी जैविक खेती के प्रति जागरूक कर रहे हैं।
एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान जिला अधिकारी अवनीश कुमार सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी कपिलदेव तिवारी , डीपीओ एमडीएम शिव कुमार शर्मा, सभी प्रखंड साधन सेवी पीएम पोषण योजना, जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी , जिले भर के विद्यालय के प्रधानाध्यापक एवं वरीय शिक्षक मौजूद रहे।
कुमार नेहरू की रिपोर्ट