मूल जन्म प्रमाण पत्र में हेरफेर कर फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोप, डाककर्मी समेत दो अन्य के खिलाफ प्राथमिक
जमुई , मूल दस्तावेजों में कथित तौर पर छेड़छाड़ कर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किए जाने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। बरहट थाना क्षेत्र के पाड़ों बाजार स्थित आयुष साइबर कैफे में मंगलवार को पुलिस ने छापेमारी कर कई संदिग्ध दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य बरामद किए। मामले में साइबर कैफे संचालक एवं पूर्व पैक्स अध्यक्ष अरुण कुमार यादव, कैफे कर्मी पीतांबर कुमार और डाक विभाग के कर्मी संजय कुमार यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मिली जानकारी के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि साइबर कैफे में मूल जन्म प्रमाण पत्रों में हेरफेर कर उनके आधार पर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किए जा रहे हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस को ऐसे दस्तावेज मिले, जिनसे कथित रूप से प्रमाण पत्रों में बदलाव किए जाने के संकेत मिले हैं।

मंगलवार और गुरुवार को कैफे आने का आरोप
जांच में पुलिस को जानकारी मिली कि खैरा प्रखंड क्षेत्र के एक कार्यालय में पदस्थापित डाक विभाग के कर्मी संजय कुमार यादव कथित तौर पर मंगलवार और गुरुवार को साइबर कैफे आया करते थे। आरोप है कि इसी दौरान मूल जन्म प्रमाण पत्रों में छेड़छाड़ कर नए प्रमाण पत्र तैयार किए जाते थे। तैयार किए गए इन प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल आधार कार्ड समेत अन्य जरूरी दस्तावेज बनवाने में किए जाने की आशंका है। इसके बदले कथित तौर पर 500 से 1500 रुपये तक लिए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।
लैपटॉप और दस्तावेजों की जांच से खुलेगा राज
छापेमारी के दौरान पुलिस ने साइबर कैफे से दस्तावेजों के अलावा एक लैपटॉप भी बरामद किया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लैपटॉप की जांच में ऐसी वेबसाइट और डिजिटल सामग्री मिली है, जहां दस्तावेजों में कथित छेड़छाड़ से संबंधित काम किए जाने के संकेत मिले हैं। पुलिस ने बरामद सभी संदिग्ध दस्तावेजों को जब्त कर लिया है। अब जांच का मुख्य फोकस इस बात पर है कि कितने मूल प्रमाण पत्रों में हेरफेर किया गया और अब तक कितने फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किए गए।

सरकारी दस्तावेजों के इस्तेमाल की भी होगी जांच
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि तैयार किए गए कथित फर्जी प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल किन-किन सरकारी या अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों को बनवाने में किया गया। मामले की जानकारी डाक विभाग को भी दी गई है।
पुलिस के मुताबिक, जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पीतांबर कुमार और संजय कुमार यादव को बीएनएसएस की धारा 35(3) के तहत नोटिस/बॉन्ड की प्रक्रिया पूरी करने के बाद मुक्त किया गया है।
इस मामले में प्रभारी एसडीपीओ जमुई अभिषेक कुमार ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पड़ो स्थित एक साइबर कैफे में मूल जन्म प्रमाण पत्रों में हेरफेर कर उनके आधार पर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किए जा रहे हैं। गुप्त सूचना के आलोक में साइबर कैफे में छापेमारी की गई, जहां दस्तावेजों में कथित छेड़छाड़ से संबंधित काम किए जाने के संकेत मिले हैं। पुलिस ने बरामद सभी संदिग्ध दस्तावेजों को जब्त कर लिया है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। छापेमारी के दौरान बरामद दस्तावेजों को जब्त किया गया है और पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है।
कुमार नेहरू की रिपोर्ट




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