दो महीने में शुरू होगा नया पुल, डीएम नवीन बोले- नए पुल का निर्माण लगभग पूरा
जमुई। गिद्धेश्वर पहाड़ के पास किऊल नदी पर बने पुराने काउजवे के बीच का कुछ हिस्सा धंस जाने और कई जगहों पर दरार आने के बाद प्रशासन ने एहतियातन दोनों ओर से आवागमन बंद कर दिया है। बताया जा रहा है कि सोमवार की रात किसी भारी वाहन के गुजरने के कारण काउजवे का एक हिस्सा प्रभावित हुआ, जिसके बाद उसके कुछ पिलर बीच में धंस गए और सड़क पर दरारें आ गईं।
मामले की सूचना मिलने के बाद प्रशासन ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से काउजवे के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर दी है। फिलहाल मोटरसाइकिल और पैदल यात्री काउजवे के फाउंडेशन स्लैब से होकर आवागमन कर रहे हैं, जबकि बड़े वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया गया है।
ग्रामीणों की मांग पर हुआ था काउजवे का निर्माण
सिंचाई विभाग के अनुसार, गरही डैम निर्माण के दौरान स्पिलवे का निर्माण कराया जा रहा था। उस समय नदी के आसपास रहने वाले ग्रामीणों ने विरोध करते हुए मांग की थी कि स्पिलवे गेट बनने के बाद सालभर पानी का प्रवाह बना रहेगा और गेट खुलने की स्थिति में नदी पार करना मुश्किल हो जाएगा।
ग्रामीणों का कहना था कि बारिश के दिनों में वे नाव से नदी पार करते थे, जबकि बारिश के बाद पानी कम होने पर वाहन नदी के रास्ते से इस पार से उस पार ले जाते थे। ऐसे में उन्होंने काउजवे अथवा पुल के निर्माण की मांग की थी। इसके बाद विभाग से स्वीकृति ली गई। स्वीकृति मिलने में कुछ वर्ष लगने के बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ।

2005 तक अधूरा था काम, पानी छोड़े जाने से दो वेंट हुए थे क्षतिग्रस्त
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2005 तक काउजवे का निर्माण कार्य पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ था और दो वेंट पर कुछ काम बाकी था। इसी दौरान गरही डैम में अत्यधिक पानी आने के कारण स्पिलवे के सभी गेट खोलकर पानी छोड़ा गया, जिससे दो वेंट पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। बाद में उनका पुनर्स्थापना कार्य कराया गया और काउजवे को फिर से चालू कर दिया गया।
नक्सलियों के विस्फोट के प्रयास में भी क्षतिग्रस्त हुए थे पिलर
कुछ वर्षों बाद पुलिस और प्रशासन से बचने के उद्देश्य से नक्सलियों द्वारा वहां बारूदी सुरंग लगाकर काउजवे को उड़ाने का प्रयास किए जाने की बात सामने आई थी। इस घटना में कुछ पिलर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए थे। बाद में उनकी मरम्मत कराई गई और पुल के दोनों ओर साइन बोर्ड लगाकर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई।
बताया जाता है कि उसी दौर में नक्सलियों ने खैरा ब्लॉक कार्यालय, खैरा पावर सब-स्टेशन तथा बालू घाट पर बालू लदे 13 ट्रकों को भी निशाना बनाया था। इसके बाद से यह काउजवे क्षतिग्रस्त स्थिति में ही उपयोग में रहा।
बगल में बन रहा नया पुल, दो महीने में पूरा होने की उम्मीद
पुराने काउजवे के बगल में बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की ओर से नए पुल का निर्माण कराया जा रहा है। विभागीय जानकारी के अनुसार, पुल का संरचनात्मक कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अब एप्रोच पथ का काम बाकी है। नया पुल करीब दो महीने के भीतर पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद है।

डीएम नवीन बोले- जल्द शुरू होगा नए पुल से आवागमन
जिलाधिकारी नवीन ने बताया कि नए पुल का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और शेष एप्रोच पथ का कार्य जल्द पूरा कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि आवागमन बहाल करने के लिए तत्काल डायवर्सन बनाने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही नए बन रहे पुल को जल्द चालू कराने की प्रक्रिया की जाएगी।
फिलहाल प्रशासन ने लोगों से क्षतिग्रस्त काउजवे पर भारी वाहनों का आवागमन नहीं करने और सुरक्षा व्यवस्था का पालन करने की अपील की है।
कुमार नेहरू की रिपोर्ट




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