- नशे की हालत में वारदात को दिया अंजाम, तकनीकी साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग जगहों से दबोचा,
जमुई। शहर के बीचों-बीच 28 अगस्त को हुई नाबालिग हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. सरफराज, पिता मो. यहूद आलम और तनवीर, पिता मो. मंजूर अंसारी के रूप में हुई है। दोनों से पुलिस पूछताछ कर रही है।
शनिवार को इस मामले में प्रभारी एसडीपीओ सह साइबर डीएसपी अभिषेक कुमार ने बताया कि 28 अगस्त की शाम नाबालिग बच्ची घर से दुकान पर सामान लेने के लिए निकली थी। इसी दौरान नीमा मोहल्ले में नशे की हालत में मौजूद दोनों युवकों ने उसे पकड़ लिया और उसका गला दबा दिया। गला दबाने से बच्ची की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद दोनों आरोपी वहां से फरार हो गए।
तकनीकी साक्ष्य के आधार पर पुलिस ने दबोचा
घटना के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के क्रम में पुलिस ने दोनों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, एक आरोपी को महीसौड़ी चौक और दूसरे को गौशाला के समीप से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस ने आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी कर दोनों को न्यायालय में प्रस्तुत करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
एक आरोपी के कोलकाता भागने की जानकारी
पुलिस सूत्रों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, वारदात के बाद साक्ष्य छिपाने और पहचान से बचने के लिए मुख्य आरोपी सरफराज अहले सुबह कोलकाता रवाना हो गया था। बताया जा रहा है कि उसने अपने बाल और मूंछ भी मुंडवा ली थी।
वहीं, जानकारी के अनुसार हाथ पर मौजूद नाखून के निशान छिपाने के लिए उसने सिगरेट से हाथ जलाने का प्रयास भी किया था। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की ओर से नहीं की गई है।
पुलिस अब मामले में उपलब्ध सभी साक्ष्यों की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।
कुमार नेहरू की रिपोर्ट




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