जमुई रेलवे स्टेशन से सटे मलयपुर स्थित रेलवे फाटक संख्या 46ए के पास जाम की गंभीर समस्या को देखते हुए अब यहां ओवरब्रिज निर्माण की दिशा में ठोस पहल शुरू हो गई है। वर्षों से इस फाटक पर लगातार ट्रेनों की आवाजाही के कारण फाटक बंद रहने से जाम की समस्या आम हो गई है। साथ ही यह मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 333 एनएच-333 से जुड़ा होने के कारण आवागमन अत्यधिक प्रभावित होता रहा है।
स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद अब रेलवे और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने इस दिशा में कदम बढ़ाया है। रेलवे अधिकारियों ने कई बार स्थल का निरीक्षण किया और समस्या की गंभीरता को समझते हुए इंजीनियरिंग विभाग को ओवरब्रिज या अंडरपास निर्माण की योजना तैयार करने का निर्देश दिया।
रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रस्तावित ओवरब्रिज डाउन रेलखंड की दिशा में शिवाला मुख्य मार्ग से शुरू होकर रेलवे लाइन पार करते हुए अप रेलखंड की ओर कन्या मध्य विद्यालय मलयपुर की सड़क तक जाएगा। यहां से यह मार्ग पूर्व दिशा में मुड़कर छोटी काली मंदिर के समीप रेलवे बाउंड्री वॉल के पास से होते हुए एनएच-333 से मिल जाएगा। यही सड़क आगे मलयपुर बाजार चौक को जोड़ते हुए अन्य क्षेत्रों से भी जुड़ेगी।रेलवे ने ओवरब्रिज के लिए जेनरल एरेजमेंट ड्राइंग GAD तैयार कर बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड को प्रस्ताव भेज दिया है।

पुल निगम द्वारा स्वीकृति दिए जाने के बाद सरकार की ओर से जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।जिसके बाद टेंडर निकाला जाएगा और निर्माण कार्य प्रारंभ होगा।ओवरब्रिज से लोगों को राहत मिलेगी।
रेलवे फाटक के पास ओवरब्रिज बन जाने से लोगों को प्रतिदिन लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिलेगी। फिलहाल यहां सुबह से शाम तक एनएच-333 पर वाहनों की लंबी कतारें आम बात है, जिससे स्कूली बच्चे, मरीज, यात्रियों और आम लोगों को खासी परेशानी होती है।
विधायक श्रेयसी सिंह ने विधानसभा में उठाया था ओवरब्रिज का मुद्दा
बता दें कि बिहार विधानसभा के चतुर्दश सत्र के दौरान जमुई विधायक श्रेयसी सिंह ने मलयपुर रेलवे फाटक (संख्या 46/ए) पर ओवरब्रिज निर्माण की मांग प्रमुखता से उठाई थी। उन्होंने इस फाटक पर आए दिन लगने वाले जाम और आमजन की परेशानी का हवाला देते हुए भारत सरकार से इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए हस्तक्षेप की मांग की थी। इसके जवाब में राज्य के परिवहन मंत्री ने कहा था कि रेल मंत्रालय को इस विषय में अनुशंसा भेजी जाएगी।
क्या कहते हैं आईओडब्ल्यू ?
झाझा आईओडब्ल्यू झाझा ओमप्रकाश कुमार ने बताया रेलवे द्वारा ओवरब्रिज के लिए जीएडी तैयार कर बिहार राज्य पुल निगम को भेज दिया गया है। जैसे ही निगम से स्वीकृति मिलेगी आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
कहते कहते हैं बिहार राज्य पुल निर्माण निगम अधिकारी ?
बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के सहायक अभियंता अनिल कुमार ने कहा प्रस्तावित योजना पर जेएफआर (ज्वाइंट फिजिबिलिटी रिपोर्ट) की प्रक्रिया चल रही है। यह प्रक्रिया पूरी होते ही जमीन अधिग्रहण एवं टेंडर की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
बरहट से शशिलाल की रिपोर्ट



