जमुई : जिले के झाझा थाना में पदस्थापित एक सरकारी चालक को निगरानी विभाग की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे और इलाके में चर्चा का माहौल बन गया है। गिरफ्तार चालक की पहचान जितेंद्र कुमार के रूप में हुई है, जो झाझा थाना में सरकारी चालक के पद पर कार्यरत था।

आरोपी सरकारी चालक जितेंद्र कुमार
जानकारी के अनुसार, जितेंद्र कुमार पर अवैध बालू उठाव और परिवहन से जुड़े लोगों से सुविधा देने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप था। मामले की शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने इसकी सत्यापन जांच की। आरोपों की पुष्टि होने पर विभाग ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और चालक को 12 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए धर दबोचा। बताया जाता है की प्रति ट्रैक्टर से प्रति दिन 3 हजार रुपए की अवैध उगाही का रेट तय था।
शिकायतकर्ता उमेश यादव
कार्रवाई के दौरान निगरानी टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की पूरी राशि भी बरामद कर ली। बताया जा रहा है कि यह रकम अवैध बालू कारोबार से जुड़े व्यक्तियों से ली जा रही थी। मामले में झाझा थाना के तत्कालीन थाना प्रभारी की भूमिका को लेकर भी चर्चा है, हालांकि इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम आरोपी को अपने साथ ले गई और उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
अवैध बालू खनन और परिवहन को लेकर पहले से ही प्रशासन की नजर बनी हुई है। ऐसे में रिश्वतखोरी के इस मामले को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। वहीं, इस घटना के सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी हड़कंप मचा हुआ है और पूरे मामले की चर्चा जोरों पर है।
कुमार नेहरू की रिपोर्ट




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