चंद्रमंडी (जमुई): अपने बेबाक बयानों के लिए चर्चित बांका सांसद सह जदयू के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव गिरधारी यादव रविवार को एकदिवसीय कार्यक्रम के तहत चकाई पहुंचे। सर्किट हाउस में अपने शुभचिंतकों से मुलाकात के दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में सरकार की अतिक्रमण हटाने की नीति पर सवाल खड़े किए।
सांसद गिरधारी यादव ने कहा कि अतिक्रमण हटाने की मौजूदा प्रक्रिया सही नहीं है। पहले बड़े और प्रभावशाली लोगों का अतिक्रमण हटना चाहिए, उसके बाद गरीबों पर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन वर्तमान में स्थिति इसके उलट है, जहां पहले गरीबों को हटाया जा रहा है और बड़े लोगों का अतिक्रमण जस का तस बना हुआ है। यह पूरी तरह गलत है और इससे जनता के बीच गलत संदेश जा रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और जीतन राम मांझी भी इस मुद्दे पर अपनी बात रख चुके हैं।
अपने पुत्र के राजद के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ने को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कोई भी कहीं से भी चुनाव लड़ सकता है। यह उनके बेटे का निजी निर्णय है और उन्होंने स्वयं एक दिन भी उसके लिए प्रचार नहीं किया। राजनीतिक समीकरणों पर टिप्पणी करते हुए सांसद ने कहा कि नीतीश कुमार जिसके साथ रहेंगे, सरकार उसी की बनेगी। भाजपा बिहार में अकेले सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है, इसलिए वह हमेशा नीतीश कुमार को अपने साथ रखती है। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा अकेले सरकार बनाने में सक्षम होती, तो कभी नीतीश कुमार को साथ नहीं रखती। उन्होंने 2015 का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय जब नीतीश कुमार लालू प्रसाद यादव के साथ थे, तब उनकी सरकार बनी थी।
इस दौरान सांसद के साथ कोऑपरेटिव बैंक के अध्यक्ष श्रीकांत यादव, नकुल यादव, राजीव रंजन वर्मा, केदार यादव, प्रवीन पासवान, सुरेश पासवान, प्रो. नारायण राम सहित अन्य लोग मौजूद थे। इससे पहले सांसद गिरधारी यादव ने प्रखंड के संघरा गांव में शिक्षक सुरेश यादव के भाई के असामयिक निधन, सरपंच शंभूनाथ पांडे की मां के निधन तथा बगों गांव में मासूम शिवम की आगलगी की घटना में जलकर मौत के मामले में शोकाकुल परिवारों से मुलाकात कर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की।
जमुई टुडे न्यूज डेस्क



