जमुई। बरसात के मौसम में आवागमन की गंभीर समस्या से जूझ रहे खैरा प्रखंड के हरनी पंचायत अंतर्गत जतहर गांव के ग्रामीणों ने श्रमदान से 200 फीट लंबा चचरी पुल तैयार कर मिसाल पेश की है। ग्रामीणों की इस पहल को आर्थिक सहयोग देकर जमुई के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. नीरज साह ने उनके हौसले को मजबूती दी। उनके सहयोग से ग्रामीणों के लिए पुल निर्माण का काम पूरा हो सका, जिसकी इलाके में सराहना हो रही है।
दरअसल, जतहर गांव में वर्षों से आवागमन की समस्या बनी हुई थी। खासकर बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती थी। गांव से बाहर आने-जाने के रास्ते में पानी भर जाने के कारण बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था।
ग्रामीणों का कहना है कि स्थायी पुल निर्माण के लिए कई बार जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मांग की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। इसके बाद ग्रामीणों ने खुद पहल करने का निर्णय लिया और श्रमदान से चचरी पुल का निर्माण शुरू कर दिया। इस दौरान डॉ. नीरज साह ने आर्थिक सहायता देकर ग्रामीणों की पहल को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

रविवार को नवनिर्मित चचरी पुल का विधिवत उद्घाटन किया गया। डॉ. नीरज साह, गरही थाना प्रभारी बिपिन चंद्र पालटा, हरनी पंचायत के मुखिया प्रकाश तांती और अरुणाबांक पंचायत के मुखिया अनिल यादव ने संयुक्त रूप से फीता काटकर पुल का उद्घाटन किया।
पुल के निर्माण से ग्रामीणों का आवागमन पहले की तुलना में काफी सुगम हो गया है। ग्रामीणों ने डॉ. नीरज साह के सहयोग के प्रति आभार जताते हुए कहा कि आर्थिक मदद मिलने से उनका प्रयास सफल हो सका। वहीं, ग्रामीणों की इस पहल को स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता और सामूहिक प्रयास की मिसाल के रूप में देखा जा रहा है।
कुमार नेहरू की रिपोर्ट




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