Ai तस्वीर
जमुई। त्रिपुरारी घाट स्थित वर्षों से बंद पड़े पोस्टमार्टम हाउस में स्ट्रेचर पर सड़ा-गला शव मिलने की खबर से इलाके में हड़कंप मच गया। बंद कमरे के अंदर शव पड़े होने और बाहर से गेट पर ताला लगे होने की बात सामने आने के बाद पूरे मामले को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पोस्टमार्टम हाउस के आसपास से गुजर रहे कुछ युवकों को अचानक तेज दुर्गंध महसूस हुई। दुर्गंध इतनी तीव्र थी कि उन्हें संदेह हुआ कि कहीं अंदर कुछ पड़ा हुआ है। इसके बाद एक युवक ने अंदर जाकर देखा तो स्ट्रेचर पर एक शव पड़ा था। शव की हालत बेहद खराब थी और वह काफी हद तक सड़ चुका था। शव पर कीड़े भी पड़े होने की बात सामने आई है।

पोस्टमार्टम हाउस का में गेट जिसके अंदर शव है
शव मिलने की जानकारी फैलते ही आसपास के लोगों की भीड़ जुटने लगी। पोस्टमार्टम हाउस लंबे समय से बंद पड़ा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इस शव को यहां कौन लेकर आया और कब से यह शव अंदर पड़ा हुआ था।
एक शव ने खड़े किए कई गंभीर सवाल
मामले में सबसे बड़ा सवाल शव की पहचान को लेकर है। आखिर यह शव किसका है? क्या यह किसी अज्ञात व्यक्ति का शव है, जिसे पोस्टमार्टम के बाद यहां छोड़ दिया गया? या फिर किसी अन्य स्थान से शव को यहां लाकर रख दिया गया? स्थानीय स्तर पर हत्या के बाद शव छिपाने की आशंका की चर्चा भी हो रही है, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

बंद पड़े पोस्टमार्टम हाउस के बाहर स्थानीय युवक
यदि शव किसी अज्ञात व्यक्ति का है तो नियमानुसार उसकी पहचान कराने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत अंतिम संस्कार कराने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होती है। ऐसे में वर्षों से बंद पड़े पोस्टमार्टम हाउस में शव का इस हालत में मिलना स्वास्थ्य विभाग और अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों में यह भी चर्चा है कि बंद पड़े पोस्टमार्टम हाउस के अंदर कई और शव तो नहीं पड़े हैं। हालांकि इसकी भी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही सामने आएगी। शव की पहचान, उसकी मौत का कारण और उसे पोस्टमार्टम हाउस तक पहुंचाने वाले व्यक्ति की जानकारी सामने आना इस मामले की सबसे अहम कड़ी होगी।
बंद पड़े पोस्टमार्टम हाउस में स्ट्रेचर पर मिला सड़ा-गला शव सिर्फ एक लाश मिलने की घटना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य व्यवस्था, शवों के रखरखाव और प्रशासनिक निगरानी को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। अब नजर इस बात पर है कि पुलिस और अस्पताल प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
कुमार नेहरू की रिपोर्ट




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