जमुई। खैरा प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में संचालित एक सीएससी केंद्र पर गुरुवार को अनुमंडल पदाधिकारी सौरव कुमार ने औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान जमीन से संबंधित बड़ी संख्या में दस्तावेज, जमाबंदी, रजिस्टर-टू और खतियान की प्रतियां मोबाइल और कंप्यूटर में मिलने के बाद हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आरोप में सीएससी केंद्र के संचालक और सहयोगी अपने मोबाइल मौके पर छोड़कर भीड़ का फायदा उठाते हुए फरार हो गए।
जानकारी के अनुसार, 27 अगस्त 2026 को दोपहर करीब एक बजे एसडीओ सौरव कुमार ने खैरा प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर स्थित सीएससी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान खैरा के प्रखंड विकास पदाधिकारी और राजस्व पदाधिकारी भी मौजूद थे।
निरीक्षण के समय सीएससी केंद्र के संचालक प्रवीण कुमार, पिता राजकुमार यादव, निवासी निमनवादा, तेलियाडीह तथा उसके साथ अभिषेक कुमार, पिता भुनेश्वर प्रसाद केंद्र पर मौजूद थे। जांच के दौरान दोनों किसी अन्य व्यक्ति के खतियान और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की जांच करते पाए गए, जिसके बाद उनकी गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुईं।

मोबाइल और व्हाट्सएप में मिले जमीन से जुड़े दस्तावेज
जांच के दौरान दोनों के मोबाइल फोन और कंप्यूटर की जांच की गई। अधिकारियों के अनुसार, मोबाइल फोन में जमीन से संबंधित बड़ी संख्या में दस्तावेज पाए गए। वहीं, व्हाट्सएप चैट की जांच में जमीन से जुड़े कार्यों को लेकर बातचीत और रुपये के लेनदेन से संबंधित विवरण भी मिला। कंप्यूटर की जांच के दौरान खैरा अंचल से संबंधित संपूर्ण जमाबंदी और रजिस्टर-टू के खतियान की प्रतियां भी पाई गईं।
भीड़ बढ़ते ही मोबाइल छोड़कर फरार हुए दोनों
जांच की सूचना फैलते ही सीएससी केंद्र के पास लोगों की भीड़ जुटने लगी। इसी दौरान दोनों संचालक कथित तौर पर भीड़ का फायदा उठाते हुए अपने-अपने मोबाइल फोन वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गए।
मौके पर मौजूद कई लोगों ने अधिकारियों को बताया कि प्रवीण कुमार और अभिषेक कुमार जमीन से संबंधित दलाली का काम करते थे। हालांकि, इस संबंध में पुलिस और प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

एसडीओ ने जब्ती और कानूनी कार्रवाई का दिया आदेश
अनुमंडल पदाधिकारी सौरव कुमार ने खैरा के राजस्व पदाधिकारी को सीएससी केंद्र से संबंधित कागजात, कंप्यूटर और अन्य उपकरणों को जब्त करने का निर्देश दिया। साथ ही दोनों आरोपियों के विरुद्ध विधि-सम्मत कानूनी कार्रवाई करने का आदेश भी दिया गया है।
प्रशासन अब जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की जांच कर पूरे मामले की पड़ताल में जुटा है।
जांच के दौरान राजस्व पदाधिकारी की बिगड़ी तबीयत
इस दौरान राजस्व पदाधिकारी की तबीयत अनुमंडल कार्यालय में अचानक खराब हो गई। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया।
कुमार नेहरू की रिपोर्ट




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