जमुई। पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के समग्र विकास को लेकर मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव (एलडब्ल्यूई) राजीव कुमार की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जमुई के जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक समेत संबंधित अधिकारियों ने भाग लिया। इसमें गुरमाहा और चोरमारा को इको-टूरिज्म के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर जोर दिया गया।
संयुक्त सचिव ने निर्देश दिया कि स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, डिजिटल कनेक्टिविटी और आजीविका को प्राथमिकता देते हुए पूर्व उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए एकीकृत विशेष परियोजना तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी जाए। परियोजना स्वीकृत होने पर इन क्षेत्रों के विकास के लिए विशेष केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

बैठक में मुंगेर, लखीसराय और जमुई को जोड़ने वाले गुरमाहा-चोरमारा क्षेत्र में इको-टूरिज्म सर्किट विकसित करने, होमस्टे योजना लागू करने, स्थानीय लोककला, कुटीर उद्योग, मत्स्य पालन और कृषि वानिकी को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई।
जिला पदाधिकारी ने बताया कि जिला प्रशासन लगातार विश्वास बहाली और विकास कार्यों पर काम कर रहा है। उन्होंने गुरमाहा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम सहित शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति से अवगत कराया।

बैठक में लछुआड़, गिद्धेश्वर वन्य क्षेत्र, बरहट डैम समेत जमुई के प्रमुख प्राकृतिक एवं धार्मिक स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की रणनीति पर भी विचार किया गया। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जिला प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।




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