एसआई पर कॉलर पकड़कर बैंक से बाहर निकालने और थाने में करीब दो घंटे बैठाने का आरोप, एसपी-डीआईजी व डीजीपी को भेजा आवेदन; पुलिस ने आरोपों को बताया गलत
Jamui । खैरा थाना क्षेत्र के गोपालपुर स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में पैसे जमा करने पहुंचे एक कारोबारी ने पुलिसकर्मियों पर दुर्व्यवहार, गाली-गलौज और मारपीट करने का आरोप लगाया है। कारोबारी का दावा है कि पुलिसकर्मियों ने उसे जबरन थाने ले जाकर करीब दो घंटे तक बैठाए रखा और उसके साथ मारपीट की। मामले को लेकर बल्लोपुर गांव निवासी कारोबारी शिव शंकर राम ने पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक और पुलिस महानिदेशक को आवेदन भेजकर निष्पक्ष जांच एवं कार्रवाई की मांग की है।
बैंक के बाहर बाइक खड़ी करने को लेकर शुरू हुआ विवाद
कारोबारी ने वरीय पुलिस अधिकारियों को दिए आवेदन में बताया है कि वह बल्लोपुर में इलेक्ट्रॉनिक सामान की दुकान चलाता है। बुधवार को वह घर से पैसे जमा करने के लिए गोपालपुर स्थित एसबीआई शाखा पहुंचा था। बैंक के बाहर उसने अपनी बाइक पार्किंग जोन में खड़ी की और पैसे जमा करने के लिए बैंक के अंदर चला गया।
आवेदन के अनुसार, इसी दौरान पुलिस वाहन से पहुंचे चार पुलिसकर्मियों ने बाइक खड़ी करने को लेकर उससे पूछताछ की। कारोबारी का कहना है कि उसने पुलिसकर्मियों को बताया कि बाइक पार्किंग जोन में ही खड़ी है।
कुछ देर बाद बैंक से बाहर निकलने पर पुलिस अवर निरीक्षक सावन कुमार ने उससे बाइक पर बैठने और चालान काटने की बात कही। कारोबारी के अनुसार, उसने चालान करने की बात कहते हुए पहले बैंक में पैसे जमा करने की अनुमति मांगी। आरोप है कि इसी दौरान एसआई ने उसका कॉलर पकड़कर उसे बैंक से बाहर खींच लिया और गाली-गलौज की।
थाने में मारपीट का भी लगाया आरोप
कारोबारी का आरोप है कि विरोध करने पर पुलिसकर्मी उसे पुलिस वाहन में बैठाकर खैरा थाना ले गए। वहां मुंशी समेत अन्य पुलिसकर्मियों ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की।
शिव शंकर राम ने दावा किया है कि उसे करीब दो घंटे तक थाने में बैठाकर रखा गया और इस दौरान लात-घूंसों से मारपीट की गई। उसके अनुसार, मारपीट में उसके सीने में चोट आई, जिसके बाद उसने सदर अस्पताल में इलाज कराया।
कारोबारी ने वरीय अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कराने की मांग की है। उसका कहना है कि सीसीटीवी फुटेज से बैंक परिसर में हुए पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
एसआई ने आरोपों से किया इनकार
वहीं, पुलिस अवर निरीक्षक सावन कुमार ने कारोबारी के आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि वह नियमित ड्यूटी के तहत बैंक विजिट पर गए थे। इसी दौरान युवक ने पुलिस वाहन के सामने बाइक खड़ी कर दी।
एसआई के अनुसार, बाइक को लेकर पूछताछ करने पर युवक ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया और बैंक के अंदर चला गया। संदेह होने पर वह उसके पीछे बैंक में गए और पहचान के लिए आधार कार्ड मांगा। पुलिस अधिकारी का दावा है कि युवक ने आधार कार्ड दिखाने से इनकार कर दिया।
इसके बाद आवश्यक छानबीन और सत्यापन के लिए उसे थाना लाया गया। एसआई के अनुसार, सत्यापन के बाद युवक को पीआर बांड पर छोड़ दिया गया। उन्होंने कारोबारी के साथ गाली-गलौज या मारपीट किए जाने के आरोप से पूरी तरह इनकार किया है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
कारोबारी की ओर से एसपी, डीआईजी और डीजीपी को भेजे गए आवेदन के बाद मामला पुलिस की कार्यशैली को लेकर चर्चा में है। एक ओर कारोबारी ने पुलिस पर मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया है, वहीं संबंधित पुलिस पदाधिकारी ने इन आरोपों को गलत बताया है।
अब मामले की निष्पक्ष जांच और बैंक परिसर सहित आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटनाक्रम के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।
खैरा से प्रहलाद सिंह की रिपोर्ट




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