जमुई , समाहरणालय स्थित सभा कक्ष में बुधवार को सांसद अरुण भारती की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समन्वय समिति एवं जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले की विभिन्न विकास योजनाओं, बुनियादी ढांचे के विस्तार तथा आगामी राष्ट्रीय अभियानों को सफल बनाने को लेकर विस्तृत समीक्षा और मंथन किया गया।
बैठक की शुरुआत जिला पदाधिकारी नवीन के स्वागत संबोधन से हुई। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के शुरुआती चरण में आयोजित यह बैठक जमुई के विकास को नई दिशा देगी। उन्होंने बताया कि पूर्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण विकास की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही, लेकिन अब इन क्षेत्रों में अपार संभावनाएं उभरकर सामने आ रही हैं। जिला प्रशासन का लक्ष्य आधारभूत संरचना को मजबूत करना, मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी बढ़ाना और सभी जनकल्याणकारी योजनाओं को पारदर्शिता के साथ धरातल पर लागू करना है।

सांसद अरुण भारती ने अपने संबोधन में नवादा-लक्ष्मीपुर रेल लाइन परियोजना की स्वीकृति की जानकारी देते हुए खुशी जाहिर की। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए 621 करोड़ रुपये का आवंटन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि बेहतर रेल और सड़क संपर्क से ही जमुई के आर्थिक विकास को गति मिलेगी और इसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।
समीक्षा के दौरान सांसद ने ग्रामीण कार्य विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, विद्युत, कृषि और शिक्षा विभाग सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने गर्मी को देखते हुए पेयजल और सिंचाई योजनाओं को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। साथ ही स्पष्ट किया कि ‘दिशा’ बैठक केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने का मंच है। उन्होंने अधिकारियों को तय समयसीमा में योजनाओं को पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने ‘भारत की जनगणना 2027’ के तहत चल रहे स्व-गणना अभियान और “भारत ज्ञान मिशनम” के अंतर्गत पांडुलिपि सर्वेक्षण की प्रगति की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि जिले में प्राचीन और दुर्लभ पांडुलिपियों के संरक्षण और दस्तावेजीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है, जो जमुई की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने में सहायक होगा।
इस अवसर पर उप विकास आयुक्त सुभाष चंद्र मंडल, अपर समाहर्ता रविकांत सिन्हा समेत सभी विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने मिलकर योजनाओं को पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से पूरा कर जमुई को एक आदर्श जिला बनाने का संकल्प दोहराया।



