खेल मंत्री श्रेयसी सिंह बोलीं— नई नीति से खेल संस्कृति को मिलेगा बढ़ावा, बिहार बनेगा अग्रणी खेल राज्य
पटना, बिहार सरकार ने राज्य के खेल क्षेत्र को नई दिशा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में 29 जुलाई को हुई मंत्रिपरिषद् की बैठक में बिहार खेल नीति, 2026 को मंजूरी दे दी गई। नई नीति का उद्देश्य राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देना, खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना है।
राज्य सरकार पहले से ही खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’, बिहार राज्य खेल छात्रवृत्ति योजना और प्रतिभा पहचान कार्यक्रम (मशाल) जैसी योजनाएं संचालित कर रही है। अब नई खेल नीति के माध्यम से खेल अवसंरचना को मजबूत करने, प्रशिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने और खिलाड़ियों के समग्र विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा।
खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि बिहार खेल नीति, 2026 राज्य के खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और खेल संस्थानों के लिए एक ऐतिहासिक पहल है। इससे खिलाड़ियों को उनकी प्रतिभा के अनुरूप अवसर मिलेंगे और खेलों के समग्र विकास का मजबूत आधार तैयार होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि बिहार में ऐसी खेल संस्कृति विकसित करना है, जहां प्रत्येक प्रतिभाशाली खिलाड़ी को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, संसाधन और आगे बढ़ने के समान अवसर मिल सकें। नई नीति बेहतर खेल अवसंरचना, प्रतिभा संवर्धन और पारदर्शी खेल प्रशासन सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
खेल मंत्री ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में लागू की जा रही बिहार खेल नीति, 2026 राज्य के खिलाड़ियों को नई ऊर्जा, बेहतर अवसर और उज्ज्वल भविष्य प्रदान करेगी तथा बिहार को देश के अग्रणी खेल राज्यों में शामिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



