संयुक्त कार्रवाई में फर्जी दस्तावेज, बैंक खाते, लैपटॉप, मोबाइल व डिजिटल उपकरण बरामद, पूरे नेटवर्क की जांच जारी
जमुई। बिहार की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई (पटना) ने जमुई साइबर थाना और स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए झाझा थाना क्षेत्र के बुढीखार गांव में सक्रिय एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान गिरोह के सक्रिय सदस्य रंजन कुमार उर्फ सचिन कुमार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले कई डिजिटल उपकरण, बैंकिंग दस्तावेज और फर्जी कागजात बरामद किए हैं।

प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी लोगों को विभिन्न तरह के लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था या पहले से संचालित खातों को किराए पर लेकर साइबर ठगी की रकम मंगाने और निकालने का काम करता था। गिरोह ऑनलाइन लोन, लॉटरी समेत अन्य साइबर अपराधों को अंजाम देने के लिए फर्जी सिम, क्यूआर कोड, एपीके फाइल और विभिन्न बैंक खातों का इस्तेमाल करता था। ठगी से अर्जित राशि को अलग-अलग खातों और ऑनलाइन शॉपिंग के माध्यम से खपाने का प्रयास किया जाता था।

बड़ी मात्रा में डिजिटल उपकरण बरामद
संयुक्त टीम ने आरोपी की निशानदेही पर तीन मोबाइल फोन, एक एचपी लैपटॉप, तीन वाई-फाई डिवाइस, एयरटेल पेमेंट्स बैंक का एक बायोमेट्रिक डिवाइस, नौ बैंक खातों की पासबुक, चार चेकबुक, दो एटीएम कार्ड, तीन क्यूआर कोड, इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्किंग उपकरण तथा फर्जी उद्यम पंजीकरण से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं।
एनसीआरपी पर 122 से अधिक शिकायतें
तकनीकी जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी के मोबाइल नंबर के विरुद्ध राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर 75 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। वहीं, बरामद दो बैंक खातों के खिलाफ क्रमशः 24 और 23 साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें मिली हैं। इस तरह मोबाइल नंबर और बैंक खातों से जुड़ी 122 से अधिक साइबर शिकायतों का रिकॉर्ड सामने आया है। पुलिस अब इन शिकायतों, वित्तीय लेन-देन, लाभार्थी खातों और डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है।

विदेशी नंबरों से बातचीत के मिले सुराग
जमुई साइबर डीएसपी अभिषेक कुमार ने बताया कि बिहार साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई और जमुई साइबर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उसके मोबाइल फोन से संदिग्ध व्हाट्सएप चैट, विदेशी नंबरों से हुई ऑडियो बातचीत और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। उन्होंने बताया कि मामले में शामिल अन्य सहयोगियों, म्यूल अकाउंट नेटवर्क और साइबर अपराध से अर्जित धनराशि के पूरे नेटवर्क की जांच जारी है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
कुमार नेहरू की रिपोर्ट



