जमुई , जिले के चंद्रमंडी थाना क्षेत्र के घोरमारा गांव से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति की कथित ‘सरदारी’ के आगे पूरा गांव सहमा हुआ है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में कानून से ज्यादा एक व्यक्ति का फरमान चल रहा है, और उसका उल्लंघन करने वालों को जुर्माना, सामाजिक बहिष्कार और यहां तक कि मारपीट तक झेलनी पड़ रही है।
करीब 1000 से अधिक आबादी वाले इस गांव में तैयब अंसारी नामक व्यक्ति को ग्रामीणों ने ही ‘सरदार’ बनाया था, लेकिन अब उसी सरदारी के नाम पर मनमानी और दबंगई का आरोप लग रहा है। बताया जा रहा है कि गांव में उसका ऐसा दबदबा है कि लोग खुलकर विरोध करने से भी डरते हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति सरदार के आदेश को नहीं मानता, तो उस पर सीधे 5000 का जुर्माना लगा दिया जाता है। कई मामलों में लोगों का “हुक्का-पानी बंद” कर सामाजिक बहिष्कार कर दिया जाता है। आरोप है कि अब तक करीब 50 लोगों से इस तरह जुर्माना वसूला जा चुका है।

पीड़ित एहसान अली का परिवार
सरदार तैयब अली के सौतेले भाई पीड़ित एहसान अली ने बताया कि पिछले दो साल से उनका परिवार इस दबाव का शिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरदार का फरमान नहीं मानने पर उन पर तीन बार 5000 का जुर्माना लगाया गया। इतना ही नहीं, उन्हें मस्जिद में नमाज पढ़ने से रोक दिया गया और गांव के दुकानदारों को उनके परिवार को राशन-पानी न देने का आदेश दे दिया गया। जो भी मेरे परिवार से बात करता है, उस पर भी 5000 का जुर्माना लगा दिया जाता है।
एहसान अली ने यह भी बताया कि उनकी बेटी की शादी में गांव में बारात तक नहीं आने दी गई, जिसके कारण उन्हें दूसरे गांव में निकाह कराना पड़ा। यहां तक कि कब्रिस्तान जाने और सरकारी चापाकल से पानी लेने पर भी रोक लगा दी गई है।

सलीम मियां, दुकानदार
गांव के सलीम मियां का कहना है कि अब सरदार की ओर से नया फरमान जारी किया गया है कि कुछ परिवारों को गांव में रहने के लिए हर महीने ₹5000 देना होगा। वहीं, पूरे गांव में आपसी मेलजोल बहाल करने के लिए ₹50,000 जमा करने की बात कही जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है यह पूरा विवाद मूल रूप से जमीन के झगड़े से शुरू हुआ था, लेकिन अब इसका असर पूरे गांव पर पड़ रहा है। कुछ लोगों का आरोप है कि निजी विवाद को आधार बनाकर पूरे गांव पर दबाव बनाया जा रहा है। पूर्व में कई बार पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंचती भी है, लेकिन हर बार आरोपी समझौता कर मामला शांत कर देता है।

सरदार तैयब अली
वही सरदार तैयब अली ने आरोप को लेकर कहा कि सारी बातें गलत है। हम कुछ नहीं किए है, जो भी किया गया है वह समाज के लोग किए है। समाज जो बोलेगा हम करेंगे। सारा मामला जमीन विवाद से जुड़ा है। उन्होंने बताया कि एहसान मियां भी अपने बेटी की शादी में समाज के लोगों को दावत नहीं खिलाया तो फिर हम लोग क्यों खिलाए। हमारे पर जो भी आरोप लगाया गया सारी बातें झूठ है।
बताते चले कि घोरमारा गांव जिला मुख्यालय से करीब 80 किलोमीटर और चंद्रमंडी थाना से लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इस भौगोलिक दूरी का फायदा उठाकर गांव में समानांतर ‘सरदार सिस्टम’ चलाया जा रहा है?
कुमार नेहरू की रिपोर्ट



