जमुई के सोनो प्रखंड के बरमानी गांव में संसाधनों के अभाव से जूझ रही शिक्षा व्यवस्था, भूमि विवाद के कारण नहीं बन पाया नया भवन
सोनो (जमुई): बिहार सरकार सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने का दावा कर रही है, लेकिन जमुई जिले के सोनो प्रखंड की रजौन पंचायत स्थित प्राथमिक मकतब विद्यालय बरमानी और प्राथमिक विद्यालय बरमानी की स्थिति इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। यहां महज तीन कमरों में दो विद्यालय संचालित हो रहे हैं, जिससे 154 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई गंभीर रूप से प्रभावित हो रही है।
प्राथमिक मकतब विद्यालय में 72 तथा प्राथमिक विद्यालय में 82 विद्यार्थियों का नामांकन है। दोनों विद्यालयों के लिए पर्याप्त कमरे नहीं होने के कारण मकतब के सभी बच्चों की पढ़ाई एक कमरे में कराई जाती है, जबकि प्राथमिक विद्यालय के 82 विद्यार्थियों को भी एक ही कमरे में बैठाकर पढ़ाया जाता है। पहली से पांचवीं तक की कक्षाएं कुल तीन कमरों में संचालित होती हैं। जगह की कमी के चलते कई बार बच्चों की कक्षाएं बरामदे में लगानी पड़ती हैं।

सबसे चिंताजनक स्थिति तब बनती है, जब एक ही कमरे में अलग-अलग कक्षाओं के बच्चों को एक साथ पढ़ाया जाता है। यही कमरा विद्यालय कार्यालय के रूप में भी उपयोग किया जाता है और इसी परिसर में मध्याह्न भोजन भी तैयार होता है। इससे बच्चों की पढ़ाई का माहौल लगातार प्रभावित हो रहा है।
विद्यालय में पांच शिक्षक पदस्थापित हैं, लेकिन पर्याप्त कक्षाओं के अभाव में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना उनके लिए भी चुनौती बना हुआ है। शिक्षकों को एक साथ कई कक्षाओं का संचालन करना पड़ता है, जिससे बच्चों को व्यक्तिगत रूप से पढ़ाना संभव नहीं हो पाता।
ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि वर्षों से नए विद्यालय भवन की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। उनका आरोप है कि प्रशासनिक उदासीनता का खामियाजा मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।
इस संबंध में सोनो के बीपीआरओ सह बीईओ अमित कुमार ने बताया कि विद्यालय की भूमि विवादित होने के कारण नए भवन का निर्माण नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण उनके अधिकार क्षेत्र का विषय नहीं है।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि जब एक ही कमरे में दर्जनों बच्चों को बैठाकर कई कक्षाओं की पढ़ाई कराई जाएगी, तो सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लक्ष्य आखिर कैसे हासिल होगा?
सोनो से योगेंद्र प्रसाद उर्फ कुंदन की रिपोर्ट



