जिला पदाधिकारी के निर्देश पर अधिकारियों ने सुदूर और पूर्व नक्सल प्रभावित क्षेत्रों का किया निरीक्षण, शिक्षा, सिंचाई, पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास की बनेगी विशेष कार्ययोजना।
जमुई : जिले के सुदूर और पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे गुरमाहा और चोरमारा गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। जिला पदाधिकारी नवीन के निर्देश पर जिला स्तरीय अधिकारियों की संयुक्त टीम ने बरहट प्रखंड अंतर्गत गुरमाहा और चोरमारा का सघन दौरा कर क्षेत्र की जमीनी वास्तविकताओं, भौगोलिक चुनौतियों और ग्रामीणों की आवश्यकताओं का जायजा लिया।
प्रशासन इन क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर रहा है। इसी कड़ी में अधिकारियों ने गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, पर्यटन और आधारभूत संरचना से जुड़ी आवश्यकताओं का आकलन किया। प्रस्तावित योजना के तहत गुरमाहा एवं चोरमारा में नए विद्यालय भवन निर्माण, चोरमारा और जमुनियाटांड़ में आंगनबाड़ी केंद्र स्थापना तथा दोनों गांवों में लिफ्ट इरिगेशन योजना शुरू करने की तैयारी की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान गुरमाहा में एक प्राकृतिक झरने और चोरमारा में गर्म पानी के प्राकृतिक स्रोत का भी अधिकारियों ने अवलोकन किया। स्थानीय ग्रामीणों ने इस स्थल को धार्मिक और पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग रखते हुए यहां भट्ठा बाबा मंदिर के निर्माण तथा सुविधाओं के विस्तार का अनुरोध किया। प्रशासन ने ग्रामीणों की आस्था और क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं को देखते हुए इसे विकास योजना में शामिल करने का आश्वासन दिया। प्रशासन का मानना है कि धार्मिक आस्था, प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन विकास के समन्वय से क्षेत्र में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही, इससे स्थानीय लोगों और प्रशासन के बीच विश्वास भी मजबूत होगा।

इस निरीक्षण दल में जिला शिक्षा पदाधिकारी दयाशंकर सिंह, सिंचाई प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता गौतम कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. मेनका कुमारी, प्रभारी पर्यटन पदाधिकारी विकेश कुमार, PHED के कार्यपालक अभियंता प्रिंस कुमार, लघु सिंचाई विभाग के कार्यपालक अभियंता मिथिलेश कुमार सहित अन्य तकनीकी अधिकारी मौजूद रहे।




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