जमुई , जिला पदाधिकारी नवीन के निर्देशानुसार अनुमंडल पदाधिकारी सौरव कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को अनुमंडल कार्यालय में “धरती माता बचाओ निगरानी समिति” की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अनुमंडल कृषि पदाधिकारी मोहन प्रसाद द्विज, इफको, कृभको और यारा-वीरा जैसी उर्वरक कंपनियों के क्षेत्रीय प्रबंधक एवं विपणन पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक में कृषि कार्यों में रासायनिक उर्वरकों के अनियंत्रित उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा हुई। अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि किसानों को उर्वरकों के संतुलित और वैज्ञानिक उपयोग के प्रति जागरूक करना समय की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से 19 मई 2026 को विशेष “सहयोग शिविर” आयोजित किया जाएगा, जहां किसानों को उर्वरक प्रबंधन, मिट्टी परीक्षण और फसल उत्पादन बढ़ाने के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी जाएगी।
उन्होंने किसानों से अपील की कि वे मिट्टी की जांच करवाने के बाद ही आवश्यकतानुसार उर्वरकों का प्रयोग करें। इससे जहां मिट्टी की प्राकृतिक गुणवत्ता सुरक्षित रहेगी, वहीं खेती की लागत भी कम होगी और किसानों की आय में सुधार संभव होगा।
बैठक के अंत में सभी संबंधित अधिकारियों और उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधियों को निर्देश दिया गया कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को मिट्टी संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और संतुलित खेती के प्रति जागरूक करें। प्रशासन का लक्ष्य है कि वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देकर कृषि क्षेत्र को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाया जाए।




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