जमुई, बरहट थाना क्षेत्र के अति नक्सल प्रभावित गुरमाहा गांव में सोमवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नदी किनारे बने मृत नक्सलियों के स्मृति पिंड को ध्वस्त कर दिया। इस संयुक्त अभियान में एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की टीम शामिल रही। पूरे ऑपरेशन के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मजिस्ट्रेट की तैनाती भी की गई थी।
गौरतलब है कि 31 मार्च 2026 को इस क्षेत्र को आधिकारिक रूप से नक्सल मुक्त घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद गुरमाहा में हार्डकोर नक्सलियों का यह स्मृति स्थल बना हुआ था, जिसे प्रशासनिक निर्देश पर हटाया गया। यह वही स्थान था जहां कभी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों की याद में ‘शहादत दिवस’ मनाया जाता था और शीर्ष नक्सली नेताओं का जमावड़ा लगता था।

जानकारी के अनुसार, यह इलाका नक्सलियों की तथाकथित ‘जनअदालत’ के लिए भी कुख्यात रहा है, जहां मुखबिरी के आरोप में लोगों को सजा सुनाकर उनकी हत्या तक कर दी जाती थी। भीमबांध के जंगलों से करीब आठ किलोमीटर दूर स्थित यह क्षेत्र लंबे समय तक नक्सली गतिविधियों का मजबूत गढ़ रहा है।

हालांकि अब हालात बदल चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्मारक हटने के बाद गांव में वर्षों से बना डर का माहौल खत्म हो गया है। अब यह मैदान बच्चों के खेलने के लिए खुल गया है और बंजर पड़ी जमीन पर हरियाली लौटने लगी है।
बरहट थानाध्यक्ष कुमार संजीव ने बताया कि विभागीय निर्देश के तहत यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि अब गुरमाहा में भय नहीं, बल्कि सामान्य और सुरक्षित वातावरण स्थापित हो रहा है।
Jamui Today News Desk



